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    2027 से पहले ही नोएडा बीजेपी में मचा घमासान, विधानसभा चुनाव में आपसी गुटबाजी बनेगी बड़ी चुनौती

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 12:18 PM (IST)

    गौतमबुद्ध नगर में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी के हैट्रिक के लक्ष्य के लिए चुनौती बन गई है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

    सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. गुटबाजी 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए चुनौती।

    2. नोएडा एयरपोर्ट और दादरी कार्यक्रम में दिखी दरारें।

    3. सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष को कार्यक्रमों से रखा अलग।

    अरविंद मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। विधानसभा चुनाव में हैट्रिक के लक्ष्य के साथ बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी के लिए जिले में सब कुछ ठीक नहीं है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू होने के दौरान सामने आई गुटबाजी की दरारें अभी तक भरी नहीं है।

    तीन अगस्त को दादरी में होने वाले कार्यक्रम में अभी से गुटबाजी फिर हावी हो चुकी है। जिले में यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का जनता के बीच पहला कार्यक्रम है, लेकिन सांसद, विधायक, एमएलसी और जिलाध्यक्ष को कार्यक्रम तक का न्यौता नहीं है।

    उन्हें कार्यक्रम से अलग रखा जा रहा है। इसके पीछे ‘समाज’ का कार्यक्रम होने का जो तर्क दिया जा रहा है, वह भी गले नहीं उतर रहा है। समाज के लिए लोग ही इस कार्यक्रम से अलग-अलग हैं।

    गौतमबुद्ध नगर में अरसे से गुजबाजी का शिकार है भाजपा

    गौतमबुद्ध नगर में भाजपा अरसे से गुटबाजी का शिकार है, लेकिन भाजपा की लहर में गुटबाजी के बावजूद पार्टी ने 2017 व 2022 के विधानसभा चुनाव में तीनों सीटों पर जीत दर्ज की।

    समय के साथ गुटबाजी की दरारें भरने के बजाए और गहराती जा रही हैं। 15 जून को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्री विमान सेवा शुरू होने के दौरान राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर, सांसद डॉ. महेश शर्मा से लेकर जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, एमएलसी नरेंद्र भाटी व श्रीचंद शर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी को इससे अलग रखा गया था।

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    कार्यक्रम केवल जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का होकर रह गया था, जबकि कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह व केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू शामिल हुए थे।

    सांसद ने कुछ दिन बाद अपने तरीके से जवाब दिया और लोकसभा की समिति को एयरपोर्ट लेकर पहुंचे, इसमें संगठन व जनप्रतिनिधि को शामिल किया, लेकिन जेवर विधायक नजर नहीं आए, जबकि गौतमबुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र के बाकी विधायक मौजूद थे।

    राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर को विधायक के कार्यक्रम में रखा अलग

    यह पहला मौका नहीं था जब पार्टी के जिला संगठन में गुटबाजी दिखाई दी। दादरी विधायक तेजपाल नागर के दादरी मिहिर भोज कॉलेज में लाइब्रेरी के कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर को अलग रखा गया।

    आकलपुर के गुर्जर समाज के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पहुंचे थे, इसमें जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह को बुलाया गया, लेकिन एमएलसी नरेंद्र भाटी समेत पार्टी से जुड़े समाज के नेता नजर नहीं आए थे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेंं सुरेंद्र नागर ने जब ओबीसी सम्मेलन किया तो दादरी विधायक तेजपाल नागर समेत दूसरे गुट के नेता नजर नहीं आए।

    तीन अगस्त को दादरी के आरबी नार्थ लैंड इंस्टीट्यूट में होने वाले कार्यक्रम को समाज का बताकर सांसद, विधायक, एमएलसी व जिलाध्यक्ष को दूर करने को उचित ठहराया जा रहा है, लेकिन दादरी विधायक और एमएलसी समाज से ही आते हैं और तो और प्रदेश संगठन में मंत्री महामेधा नागर का भी निमंत्रण पत्र व क्षेत्र में लग रहे बैनर पोस्टर से नाम व फोटो गायब है।

    'कहीं 'सबका साथ सबका विकास' नारे को नुकसान न पहुंचाए भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी'

    निमंत्रण पत्र में प्रदेश अध्यक्ष के नाम से पहले क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर को रखा गया है। यह निमंत्रण पत्र राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर की ओर से हैं, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं को शामिल होने का विनम्र आग्रह भी है।

    पार्टी संगठन के एक पदाधिकारी का कहना है कि यह आश्चर्य की बात है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को आमंत्रण दिए जा रहे हैं, लेकिन पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को अलग रखने के पीछे समाज का कार्यक्रम का तर्क दिया जा रहा है। ऐसे में जिले में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी कहीं पार्टी के सबका साथ सबका विकास को नुकसान न पहुंचा दे।

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