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    देहरादून के विकासनगर में पत्नी की हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास, 60 हजार का जुर्माना भी

    Updated: Tue, 19 May 2026 10:54 PM (IST)

    विकासनगर की अदालत ने मधुसूदन जगूड़ी को 2018 में पत्नी मीना की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकासनगर नंदन सिंह की अदालत ने उत्तरकाशी निवासी मधुसूदन जगूड़ी को पत्नी की हत्या के मामले में दोषी करार दिया।

    साथ ही उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। हत्या की यह घटना वर्ष 2018 में हरबर्टपुर स्थित फतेहपुर इलाके में हुई थी।

    25 दिसंबर 2018 को जयंती प्रसाद नौटियाल निवासी ग्राम जगड़ उत्तरकाशी ने सहसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उसकी पुत्री मीना का विवाह मधुसूदन जगूड़ी निवासी ग्राम जोगड़ थाना धरासू जिला उत्तरकाशी के साथ हुआ था।

    दोनों वर्ष 2010 तक साथ रहे। उसके बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे। मधुसूदन हरबर्टपुर स्थित फतेहपुर इलाके में रह रहा था।

    वहीं मीना बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। मगर अक्टूबर 2018 में मधुसूदन का बड़ा भाई राजेंद्र जगूड़ी मीना व उसके दोनों बच्चों को अपनी जिम्मेदारी पर हरबर्टपुर स्थित फतेहपुर ले गया।

    इसके बाद 23 दिसंबर 2018 को राजेंद्र ने जयंती प्रसाद नौटियाल को फोन कर बताया कि मीना मधुसूदन के साथ नहीं है, वह लापता हो गई है।

    इसी बीच 25 नवंबर 2018 को एक महिला का शव आसन नदी से मिला। भाई मनोज कुमार ने शव की शिनाख्त मीना के रूप में की। धर्मावाला चौकी की पुलिस ने आसन नदी से एक खून लगा पत्थर, कान की बाली और चप्पल भी बरामद की थी। कान की बाली और चप्पल मीना की थी।

    पुलिस की ओर से की गई जांच में पता चला कि मधुसूदन ने आसन नदी के किनारे पत्नी मीना के सिर पर पत्थर मारने के बाद पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी थी। साथ ही मीना के शरीर से कपड़े निकालकर उसे नदी में बहा दिया था। इस आधार पर सहसपुर पुलिस ने मधुसूदन को गिरफ्तार किया।

    शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने 21 गवाहों में से 13 गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए। मृतका की बेटी के बयान, डीएनए मिलान, मधुसूदन की निशानदेही पर एकत्र साक्ष्य व एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकासनगर नंदन सिंह की अदालत ने मधुसूदन को पत्नी मीना की हत्या व साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया।

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