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    उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ की विदाई, बढ़ेगी गर्मी और उमस

    Updated: Sat, 16 May 2026 04:27 PM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड समेत उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ अब विदाई की ओर हैं, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में वृद्धि होगी। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    गणेश पांडे, काशीपुर (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड समेत देश के उत्तर-पश्चिमी व उत्तरी हिस्से को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ अब विदाई की तरफ हैं।

    शुक्रवार को आए ताजा पश्चिमी विक्षोभ के बाद 19 व 23 मई के आसपास दो विक्षोभ आने की संभावना है। यद्यपि कमजोर होने की वजह से यह खास प्रभाव नहीं दिखाएंगे।

    आने वाले दिनों में मैदान से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान बढ़ेगा। काशीपुर, पंतनगर, रुड़की में 20 मई के आसपास पारा 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है।

    पश्चिमी विक्षोभ की शुरुआत नवंबर से होती है और सामान्य तौर पर यह अप्रैल, कभी-कभी मई तक आते हैं।

    इसकी वजह से हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात व मैदानी इलाकों में वर्षा होती है। ग्लेशियर पोषित होते हैं और उत्तर भारत की नदियों को जल प्राप्त होता है।

    सर्दियों की वर्षा रबी की फसलों के लिए फायदेमंद होती है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डा. सीएस तोमर ने बताया कि अगले सप्ताह आसमान ज्यादातर साफ रहेगा।

    वर्षा की गतिविधियां कम होकर पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सिमट जाएंगी।

    मैदानी क्षेत्रों में तपिश बढ़ने के साथ उमस की स्थिति बन सकती है। तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है। पंतनगर में मई तीसरे सप्ताह का सामान्य तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस है।

    वर्षा के लिए मानसून का इंतजार

    प्रदेश को वर्षा के लिए अब दक्षिण पश्चिम मानसून का इंतजार करना होगा। मानसून की शुरुआत 22 मई को दक्षिण अंडमान सागर व दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी से होती है।

    मानसून के केरल तट पहुंचने की सामान्य अवधि एक जून व उत्तराखंड पहुंचने की 20 जून है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम व उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है।

    दो-तीन दिन के भीतर मानसून के अंडमान सागर व आसपास के द्वीपों में शुरुआत होने की स्थिति बन रही है। इसके उत्तराखंड पहुंचने के अनुमान का आकलन अभी जल्दबाजी होगी।

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