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    अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराने में किस सबूत ने निभाई सबसे बड़ी भूमिका? पढ़ें अंदर की बात

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 10:24 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस की सुनियोजित व साक्ष्य-आधारित जांच ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 आरोपितों को दोषी ...और पढ़ें

    अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी माना गया है।

    अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी माना गया है।

    HighLights

    1. दिल्ली पुलिस की सुनियोजित जांच ने दोषियों को सजा दिलाई।

    2. कोविड और खराब फुटेज जैसी चुनौतियों का सामना किया गया।

    3. वायरल वीडियो और मजबूत सबूतों से मामला साबित हुआ।

    मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में शामिल खुफिया ब्यूरो (आइबी) के अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपितों को दोषी ठहराए जाने के पीछे दिल्ली पुलिस की लंबी, सुनियोजित और साक्ष्य आधारित जांच की अहम भूमिका रही।

    कोविड महामारी, खराब सीसीटीवी फुटेज और डरे-सहमे गवाहों जैसी अनेक चुनौतियों के बावजूद जांच टीम ने मजबूत सबूत जुटाकर अभियोजन का ऐसा आधार तैयार किया, जिसने अदालत में मामले को मजबूती से स्थापित किया।

    जांच की गति बनाए रखना बेहद कठिन

    मामले के जांच अधिकारी अमलेश्वर राय के अनुसार, दंगे ऐसे समय हुए जब देश कोविड-19 महामारी की चपेट में था। एक ओर कानून-व्यवस्था की चुनौती थी तो दूसरी ओर महामारी के कारण जांच की गति बनाए रखना बेहद कठिन था। सबसे बड़ी समस्या उन प्रत्यक्षदर्शी गवाहों तक पहुंचने और उन्हें अदालत में पेश करने की थी, जो उसी इलाके में रहते थे और जिनका रोजगार भी वहीं से जुड़ा था। भय और दबाव के माहौल में गवाहों का सहयोग सुनिश्चित करना आसान नहीं था।

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    साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम समझे

    जांच के दौरान एक और बड़ी चुनौती यह रही कि घटनास्थल के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध नहीं थी या खराब हो चुकी थी। ऐसे में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तैयार कीं।

    वायरल वीडियो से मिली सफलता

    जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता उस प्रसारित वीडियो से मिली, जिसमें अंकित शर्मा की हत्या के बाद उनका शव खजूरी नाले में फेंके जाने का दृश्य सामने आया था। पुलिस ने वीडियो की गहन पड़ताल कर उसे प्रसारित करने वालों और उससे जुड़े लोगों की पहचान की। इसके बाद साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए सभी 11 आरोपितों तक पहुंच बनाई और उन्हें क्रमवार गिरफ्तार किया।

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    648 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट की दाखिल

    दिल्ली पुलिस ने दो जून 2020 को 648 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की। जांच आगे बढ़ने के साथ छह पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट भी पेश की गईं, जिनमें नए साक्ष्य, गवाहों के बयान और फोरेंसिक सामग्री शामिल की गई।

    अभियोजन पक्ष ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा। इस मामले से जुड़े जांच अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला दर्शाता है कि निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित जांच के जरिए जघन्य अपराधों में भी दोषियों को कानून के मुताबिक सजा तक पहुंचाया जा सकता है।

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