गर्मी में पसीना, बेचैनी और चक्कर आने को न समझें मामूली कमजोरी, हो सकते हैं हार्ट अटैक के लक्षण
तपती गर्मी का असर सिर्फ डिहाइड्रेशन और लू तक सीमित नहीं है। इसका असर हमारे दिल पर भी पड़ता है और हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। ...और पढ़ें

गर्मी में क्यों बढ़ जाता है दिल का दौरा पड़ने का खतरा? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देश के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है। इस भीषण गर्मी के कारण लू, थकान और डिहाइड्रेशन का खतरा तो रहता ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं यह आपके दिल पर भी असमान्य रूप से दबाव डाल सकता है।
इसलिए तेज गर्मी के मौसम में लू से बचाव के साथ-साथ दिल की सेहत पर भी ध्यान देना काफी जरूरी है। आइए डॉ. संजय कुमार चुघ (डायरेक्टर एवं यूनिट हेड (यूनिट-1), कार्डियोलॉजी विभाग, आकाश हेल्थकेयर) से जानते हैं कि कैसे गर्मी का मौसम हमारे दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
गर्मी में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?
तेज गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए लगातार कम करता है। इसके कारण दिल को तेजी से ब्लड पंप करना पड़ता है, जिससे उस पर असमान्य दबाव पड़ता है। शरीर का तापमान बढ़ने पर ब्लड वेसल्स फैलने लगती हैं और पसीना ज्यादा आता है। इससे शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है।
इस डिहाइड्रेशन के कारण खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति इस मौसम में भरपूर मात्रा में पानी नहीं पी रहा है या वह पहले से दिल का मरीज है, तो उसमें हार्ट अटैक का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
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किन्हें है ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
वैसे तो यह मौसम हर किसी के लिए मुश्किल होता है, लेकिन कुछ लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
- बुजुर्ग लोग
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- डायबिटीज के मरीज
- हार्ट डिजीज या हाई कोलेस्ट्रोल से जूझ रहे लोग
इतना ही नहीं, खराब लाइफस्टाइल, मोटापा, स्ट्रेस, स्मोकिंग और देर रात तक जागने जैसी आदतें गर्मी के मौसम में युवाओं के दिल पर भी बुरा असर डाल रही हैं।
शरीर में क्या बदलाव लाती है हीटवेव?
- लो ब्लड प्रेशर- गर्मी की वजह से कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर अचानक बहुत कम हो जाता है, तो वहीं तनाव और डिहाइड्रेशन के कारण कुछ मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है।
- इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन- शरीर से बहुत ज्यादा पसीना बह जाने के कारण सोडियम और पोटेशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। यह असंतुलन सीधे दिल की धड़कनों को प्रभावित कर सकता है।
- शारीरिक दबाव- दोपहर के वक्त तेज धूप में लंबे समय तक रहने, बिना पानी पिए बाहर घूमने या भारी शारीरिक काम करने से शरीर पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अक्सर लोग गर्मी में होने वाली शुरुआती दिक्कतों को मामूली कमजोरी समझकर टाल देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर कार्डियक इमरजेंसी का रूप ले सकती है। इसलिए डॉ.चुघ बताते हैं कि अगर आपको गर्मी के दौरान कुछ लक्षण महसूस हों, तो तुरंत सतर्क हो जाएं-
- सीने में दर्द होना
- अचानक और बहुत ज्यादा पसीना आना
- सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना
- चक्कर आना, बेचैनी होना या अचानक से भारी कमजोरी महसूस होना
कैसे रखें अपने दिल का ख्याल?
- पानी पीते रहें- पूरे दिन भरपूर मात्रा में पानी और नारियल पानी, छाछ, जूस आदि पीते रहें ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो।
- धूप से बचें- दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक की तेज धूप में बाहर निकलने से पूरी तरह परहेज करें।
- कैफीन और अल्कोहल से दूरी- बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या शराब से दूरी बनाएं, क्योंकि ये चीजें शरीर में पानी की कमी को और ज्यादा बढ़ा देती हैं।
- सही कपड़े चुनें- अगर दोपहर में बाहर जाना बहुत जरूरी हो, तो हमेशा हल्के और सूती कपड़े ही पहनें।
- दवाइयों में लापरवाही नहीं- दिल के मरीज अपनी दवाएं बिल्कुल सही समय पर लें। डॉक्टर से पूछे बिना अपनी मर्जी से कोई भी दवा बंद न करें। इसके साथ ही अपना ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल नियमित रूप से जांचते रहें।
- थकान होने पर तुरंत आराम- अगर आपको शरीर में बहुत थकान महसूस हो रही है, तो तुरंत काम रोककर आराम करें और अपने शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें।