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    युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं मेंटल डिसऑर्डर, 60% मामलों में 35 से कम उम्र के लोग

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 09:32 AM (GMT+05:30)

    भारत में मेंटल हेल्थ को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां मानसिक बीमारियां अब युवाओं को तेजी से प्रभावित कर रही हैं। ...और पढ़ें

    सिर्फ 19 साल की उम्र में शुरू हो रहा है मानसिक तनाव (Image Source: AI-Generated)

    सिर्फ 19 साल की उम्र में शुरू हो रहा है मानसिक तनाव (Image Source: AI-Generated) 

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    प्रेट्र, नई दिल्ली। भारत के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। आमतौर पर मानसिक बीमारियों को ढलती उम्र की समस्या माना जाता था, लेकिन नए आंकड़े एक अलग ही सच्चाई बयां कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में मानसिक विकार अब सिर्फ अधिक उम्र तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि किशोरों और युवाओं को भी यह बीमारी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। वर्तमान में, लगभग 60 प्रतिशत मानसिक बीमारियां 35 वर्ष से कम आयु के लोगों में पाई जा रही हैं।

    Youth Mental Health

    (Image Source: AI-Generated) 

    कम उम्र में हो रही है मानसिक विकारों की शुरुआत

    हाल ही में 'इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी' के एक सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक बीमारियां अक्सर किशोरावस्था या युवावस्था में ही छिपकर पनपने लगती हैं। उनके अनुसार, इन मानसिक विकारों के शुरू होने की औसत उम्र अब महज 19 से 20 वर्ष के बीच रह गई है।

    अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के चौंकाने वाले आंकड़े

    'मॉलिक्यूलर साइकियाट्री' नामक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है। सात लाख से अधिक लोगों पर किए गए इस अध्ययन में सामने आया है कि:

    • 34.6% मानसिक विकार 14 वर्ष की उम्र से पहले ही शुरू हो जाते हैं।
    • 48.4% मानसिक बीमारियां 18 वर्ष की उम्र तक अपना असर दिखाने लगती हैं।
    • 62.5% मामले 25 वर्ष की उम्र तक पूरी तरह से सामने आ जाते हैं।

    अंदर ही अंदर खोखला कर रही बीमारी

    ये निष्कर्ष साफ तौर पर बताते हैं कि ज्यादातर लोगों में मानसिक बीमारी उनके वयस्क होने से बहुत पहले ही शुरू हो चुकी होती है। यह एक ऐसी खामोश बीमारी है जो धीरे-धीरे युवाओं के जीवन को खोखला करती है। इसका सीधा और नकारात्मक असर उनकी:

    खबरें और भी

    • शिक्षा और परीक्षा के परिणामों पर पड़ता है।
    • करियर और कामकाज पर पड़ता है।
    • आपसी रिश्तों और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है।

    25 की उम्र तक हावी होने वाली मुख्य बीमारियां

    रिसर्च के अनुसार, 25 वर्ष की आयु तक युवाओं में कुछ खास तरह की मानसिक बीमारियां सबसे ज्यादा उभर कर सामने आती हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

    • एडीएचडी: अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर
    • एंग्जायटी डिसऑर्डर: एंग्जायटी या घबराहट से जुड़ी बीमारियां
    • ईटिंग डिसऑर्डर: खान-पान से संबंधित मानसिक विकार

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