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    फर्स्ट इंप्रेशन हो जाता है खराब! दूसरों से बात करते समय जाने-अनजाने में हम रोज करते हैं ये 5 बड़ी गलतियां

    Updated: Sat, 13 Jun 2026 05:00 PM (IST)

    बातचीत अगर दिन बना सकती है तो दिन बिगाड़ भी सकती है। ...और पढ़ें

    बातचीत को जिंदगी की सभी परेशानियों का हल माना जाता है (Image Source: AI Generated)

    बातचीत को जिंदगी की सभी परेशानियों का हल माना जाता है (Image Source: AI Generated)

    HighLights

    1. बातचीत में बूमरआस्किंग और बीच में टोकने से बचें

    2. सिर्फ अपनी बात न कहें, दूसरों को भी मौका दें

    3. बिना मांगे अधिक सलाह और पूछताछ करने से बचें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बातचीत को जिंदगी की सभी परेशानियों का हल माना जाता है लेकिन यही बातचीत अगर दिन बना सकती है तो दिन बिगाड़ भी सकती है। हम अपने मन का किसी से कह देने पर हल्का महसूस करते हैं, पर इसी बातचीत में कड़वे शब्द या कोई सीक्रेट शामिल हों, तो ये मन को शांत करने के बजाय और भी ज्यादा परेशान कर सकते हैं। चलिए आपको बात करने से ही जुड़ी ऐसी गलतियों के बारे में बताते हैं, जिन्हें शायद हम हर दिन कर रहे हैं पर पता ही नहीं। 

    खुद के सवाल से बात शुरू करना 

    यह तरीका बूमरआस्किंग कहलाता है, अब इसका मतलब समझें तो इसमें व्यक्ति बात शुरू करने के लिए कोई सवाल पूछता है। इसके बाद वह आपकी सुनने के बजाय अपनी कहानी कहना शुरू कर देता है। मान लीजिए किसी ने आपसे यह पूछा कि आपका वीकेंड कैसा गया, आपने उसकी बात का जवाब दिया लेकिन अब वो आपके जवाब पर कुछ कहने के बजाय अपने वीकेंड के बारे में खुद बताने लग जाएगा। यही बूमरआस्किंग है, जिसे बातचीत करने का एक खराब तरीका समझा जाता है। 

    बात रोक देना 

    हां, इस बात में कोई शक नहीं कि अगर हम बहुत कुछ जानते हो तो चुप रहना बहुत मुश्किल है। पर उस समय तो शांत रहना ही चाहिए जब कोई अपनी बात कह रहा हो, क्योंकि बीच में टोक देना गलत आपके बारे में इंप्रेशन छोड़ सकता है। किसी के बात खत्म कर देने से पहले ही उसे टोककर अपनी कहना, बातचीत के आदर्शों में शामिल नहीं है। 

    सिर्फ अपने बारे में कहते जाना

    क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप अपने बारे में ही बताते जा रहे हैं और सामने वाला कुछ नहीं बता रहा। इसका मतलब है कि इस बातचीत में बैलेंस नहीं है क्योंकि आप उनपर हावी हो गए हैं। इस सिचुएशन को ओवर शैडो कहा जाता है। हर व्यक्ति अपनी जिंदगी के अनुभव किसी से शेयर करना चाहता है, पर एक ही कहता जाए तो स्थिति बोरिंग हो जाती है। यह सामने वाले को सोचने पर भी मजबूर कर देता है कि क्या वाकई वह भी इस रिश्ते में मायने रखता है। 

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    जरूरत से ज्यादा सलाह देना 

    कई बार व्यक्ति अपनी परेशानी हमें इसलिए नहीं बता रहा होता कि वह इसका सोल्यूशन चाहता है, बल्कि वह बस सब कुछ कह देना चाहता है। हम सोच बैठते हैं कि उसे सलाह चाहिए। वहीं, हर बार जरूरत से ज्यादा सलाह देना भी लोगों के मन में आपके लिए एक धारणा बनाने पर मजबूर कर देता है। 

    पूछताछ करने जैसी बातें 

    कुछ लोगों की आदत होती है कि वो हर बार अपने पार्टनर से चाहे किसी परिजन से जब भी बात करते हैं तो लगता है पूछताछ कर रहे हैं। यह आदत इसलिए खराब मानी जाती है क्योंकि इससे सामने वाला डिफेन्सिव मोड में आ जाता है। वह उस समय जो भी कहता है, बातचीत कम और खुद को बचाने का तरीका ज्यादा लग रहा होता है। 

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