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    शादी के बाद सास-ससुर से अलग क्यों रहना चाहती हैं महिलाएं? सिर्फ लड़ाई-झगड़े नहीं, ये हैं असली वजहें

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 03:19 PM (IST)

    अब कई महिलाएं शादी के बाद ससुराल वालों से अलग रहना पसंद करती हैं। इसके पीछे सिर्फ सास-बहू के झगड़े नहीं और भी कई कारण हैं। ...और पढ़ें

    जॉइन्ट फैमिली में रहने से क्यों कतरा रही हैं महिलाएं? (AI Generated Image)

    जॉइन्ट फैमिली में रहने से क्यों कतरा रही हैं महिलाएं? (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। समाज उम्मीद करता है कि शादी के बाद महिला अपने पति के परिवार को अपनाए और अपने सास-ससुर की सेवा करें। हालांकि, आपने कई महिलाओं को कहते हुए सुना होगा कि वे शादी के बाद अपने सास-ससुर के साथ नहीं रहना चाहतीं। वे अलग रहना चाहती हैं। 

    पहले की तुलना में अब कई महिलाएं अपने ससुराल वालों से अलग रह भी रही हैं, जो अक्सर चर्चा का विषय बनता रहता है, लेकिन सवाल आता है कि महिलाएं क्यों अपने ससुराल वालों के साथ नहीं रहना चाहतीं? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा से बात की। आइए जानें उन्होंने इसके क्या कारण बताए। 

    प्राइवेसी और आजादी की चाह

    शादी के बाद अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए प्राइवेट समय की जरूरत होती है। ऐसे में कई महिलाएं चाहती हैं कि बिना दूसरे की दखल या निगरानी के अपनी मैरिड लाइफ को मजबूत बनाएं। अलग रहने वाले कपल्स अपने रोज के छोटे-छोटे फैसले खुद लेते हैं और उन्हें इसके लिए किसी की इजाजत नहीं लेनी पड़ती। ससुराल वालों के साथ रहते हुए महिलाओं के लिए ऐसा करना थोड़ा मुश्किल महसूस होता है। 

    घरेलू लड़ाई-झगड़े की संभावना

    नए परिवार में तालमेल बैठाते समय अक्सर काम करने और रहने के तरीकों के लेकर मतभेद हो जाते हैं। जैसे सास अपने घर को संभालती थी, जरूरी नहीं बहू भी वहीं तरीका अपनाए। ऐसे में एडजस्ट करने और उम्मीदों को पूरा करने का बोझ महिलाओं पर ही पड़ता है। इसलिए भी वे अलग रहना पसंद करती हैं। 

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    न्यूक्लीयर फैमिली का बढ़ता चलन

    शहरी इलाकों में अब जॉइन्ट फैमिली की जगह न्यूक्लीयर फैमिली ने ले ली है। अब लोग पूरे परिवार के साथ एक ही घर में नहीं रहना चाहते। वे अपनी छोटी फैमिली अलग बसाना चाहते हैं। महिलाएं अब अपने पूरे परिवार को संभालने की जगह अपनी और अपने लाइफ पार्टनर की जिंदगी पर फोकस करना चाहती हैं। 

     करियर और प्रोफेशनल लाइफ पर फोकस

    महिलाएं अब अपने करियर को साइड लाइन नहीं करना चाहतीं। वे अब घर से बाहर निकलकर कमाना चाहती हैं और आत्मनिर्भर बनना उनकी प्रायोरिटी बन रहा है। नौकरी करने वाली महिलाओं को अक्सर देर रात तक काम करना पड़ता है या सुबह जल्दी ऑफिस जाना पड़ता है। ऐसे में ससुराल वालों के साथ रहना तनाव की वजह बन सकता है। घर की एक्स्ट्रा जिम्मेदारियों की वजह से उनके काम पर दबाव पड़ने लगता है। इसलिए वे अलग रहना चाहती हैं।

    इमोशनल तालमेल बैठाने में दिक्कत 

    शादी के बाद सुसरालवालों के साथ कई बार महिलाओं को बाहरी होने का एहसास होने लगता है या उन्हें महसूस होता है कि उनकी खुद की पहचान खो रही है। इसलिए भी कई महिलाएं अलग रहना पसंद करती हैं। 

    आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना

    आजकल पति-पत्नी दोनों कमाना चाहते हैं, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत रहें। इसलिए अब उनके पास अलग से अपना घर लेने या किराए पर रहने के लिए पैसे होते हैं, जिससे उन्हें माता-पिता के घर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वे अपनी मर्जी के मुताबिक अपने घर में रह सकते हैं। 

    सोशल मीडिया और दोस्तों का असर

    सोशल मीडिया, फिल्मों और दोस्तों के बीच अब महिलाएं बराबरी वाली शादियां देख रही हैं। ट्रेडिशनल जेंडर रोल फॉलो न करके पति-पत्नी मिलकर सभी काम कर रहे हैं। ससुराल वालों के साथ रहते हुए ऐसा मुश्किल हो जाता है। अक्सर सास-ससुर की रोक-टोक और घर के बंधनों का बोझ महिलाओं पर पड़ता है। इसलिए वे अलग रहना ज्यादा पसंद कर रही हैं। 

    पुराने अनुभव और पारिवारिक माहौल

    कई महिलाओं ने अपने घर पर अपनी मां या घर की दूसरी औरतों को परेशानी झेलते हुए देखा है। वे खुद इन्हीं परेशानियों का सामना नहीं करना चाहतीं। इसलिए ससुराल वालों के साथ रहने के बजाय वे अलग रहना पसंद करती हैं। 

    क्या सभी महिलाएं अलग रहना चाहती हैं?

    जरूरी नहीं कि हर महिला अलग रहना चाहे। कई महिलाएं अपने ससुराल वालों के साथ बहुत अच्छे और सकारात्मक रिश्ते बनाकर रखती हैं और जॉइन्ट फैमिली में पहना पसंद करती हैं, जिससे उन्हें भी फायदा होता है। बच्चों की देखभाल, मिले-जुले खर्चे और इमोशनल सपोर्ट के लिए वे ससुराल वालों के साथ रहना पसंद करती हैं। इसलिए अलग रहने का फैसला पूरी तरह पर्सनल है और आपसी समझ और बातचीत पर निर्भर करता है।