जरासंध से लेकर बलराम तक: वो 5 'बाहुबली' जिन्हें हराना भीम के लिए भी था टेढ़ी खीर
महाभारत ग्रंथ में भीम का वर्णन एक शक्तिशाली योद्धा के रूप में किया गया है, लेकिन साथ ही कुछ ऐसे योद्धा भी थे, जिन्हें हराना भीम के लिए भी कठिन था। ...और पढ़ें

भीम के समान शक्ति वाले महाभारत के 5 योद्धा (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
बलराम जी ने भीम को मल्ल युद्ध में हराया था
दुर्योधन गदा युद्ध में भीम के बराबर शक्तिशाली था
जरासंध को हराने में श्रीकृष्ण ने की थी भीम की मदद
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाभारत ग्रंथ में भीम को 10,000 हाथियों का बल रखने वाला महाबली बताया है, लेकिन साथ ही इस ग्रंथ में कुछ ऐसे योद्धाओं का भी वर्णन है, जो शारीरिक शक्ति और गदा युद्ध में भीम के बराबर या उनसे भी अधिक शक्तिशाली थे। चलिए जानते हैं उन योद्धाओं के बारे में।
बलराम
बलराम, भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई हैं, जो शेषनाग के अवतार माने जाते हैं। वह अत्यंत शक्तिशाली और 'हलधर' (हल धारण करने वाले) के रूप में पूजनीय हैं। महाभारत में बलराम को भीम से भी अधिक शक्तिशाली योद्धा माना गया है। बलराम जी ने एक बार भीम को मल्ल युद्ध (wrestling) में हराया भी था।
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(Picture Credit- AI Generated)
दुर्योधन
दुर्योधन महाभारत का एक मुख्य पात्र रहा है, धृतराष्ट्र और गांधारी का ज्येष्ठ पुत्र और 100 कौरवों में सबसे बड़ा था। वह हस्तिनापुर का युवराज और अत्यंत अहंकारी, ईर्ष्यालु, लेकिन एक निपुण गदाधारी था। महाभारत ग्रंथ में गदा युद्ध में दुर्योधन को भीम के बराबर ही शक्तिशाली माना जाता था। वह तकनीकी रूप से भीम से बेहतर गदाधारी था। लेकिन महाभारत युद्ध के अंत में वह भीम के हाथों मारा गया।
जरासंध
महाभारत में जरासंध का वर्णन मगध देश का एक अत्यंत शक्तिशाली और क्रूर राजा के रूप में मिलता है। वह मथुरा के राजा कंस का ससुर था। जरासंध इतना शक्तिशाली था कि भीम उसे अकेले नहीं हरा पाए थे। भीम और जरासंध के बीच 13-14 दिनों तक भीषण मल्लयुद्ध चला था। अंत में भगवान श्रीकृष्ण की सहायता से भीम, जरासंध को हराने में सफल हुआ।
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घटोत्कच

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घटोत्कच भीम और राक्षसी हिडिंबा का पुत्र था। उसमें राक्षसी शक्ति थी, साथ ही वह एक वीर, मायावी और पराक्रमी योद्धा था। शारीरिक रूप से मजबूत और मायावी होने के साथ-साथ वह भीम के बराबर ही शक्तिशाली भी माना गया है। महाभारत के युद्ध में अपनी मायावी शक्तियों से घटोत्कच ने कौरव सेना में भारी तबाही मचाई थी। लेकिन कर्ण की अमोघ 'शक्ति' के इस्तेमाल कारण वह वीरगति को प्राप्त हो गया था।
कीचक
कीचक राजा विराट की पत्नी सुदेष्णा का भाई और मत्स्य देश का प्रधान सेनापति था, जिसे हजार हाथियों के बराबर शक्तिशाली माना गया है। महाभारत ग्रंथ में उसे भीम और बलराम के समान ही महाबली माना गया है। कीचक एक क्रूर और अहंकारी योद्धा था। अज्ञातवास के दौरान ही द्रौपदी पर बुरी नजर डालने के कारण भीम के हाथों कीचक का वध कर दिया गया था।
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