नौतपा में इन 5 चीजों का दान करने से प्रसन्न होते हैं सूर्य देव, पितरों का भी मिलता है आशीर्वाद
नौतपा (Nautapa 2026) में कौन सी चीजों का दान करना शुभ माना गया है? जानिए गेहूं, जल, शरबत और पंखे सहित 5 खास दान, जिनसे सूर्य देव और पितृ प्रसन्न होते ...और पढ़ें

नौतपा के दौरान किन चीजों का करें दान? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा का विशेष महत्व माना गया है। इस दौरान सूर्य देव अपनी प्रचंड ऊर्जा में रहते हैं और धरती पर गर्मी सबसे ज्यादा महसूस होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दिनों में दान-पुण्य करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही, पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।
साल 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय जरूरतमंद लोगों को कुछ विशेष चीजों का दान करना बहुत शुभ माना गया है। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सम्मान, सफलता और सुख-समृद्धि बढ़ती है।
नौतपा में क्या करें दान?
गेहूं या चावल का दान
नौतपा में अन्न दान को सबसे उत्तम माना गया है। इस दौरान गरीबों या ब्राह्मणों को गेहूं और चावल का दान करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। धार्मिक मान्यता है कि इससे पितृ भी संतुष्ट होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
खरबूजे का दान
गर्मी के दिनों में खरबूजे का दान बहुत शुभ माना जाता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे प्यासे व्यक्ति को राहत मिलती है। मान्यता है कि नौतपा में खरबूजा दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
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जल का दान
भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौतपा में जल दान करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। इससे सूर्य देव का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
शरबत का दान
नौतपा के दौरान राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाना भी बहुत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र कहता है इससे सूर्य और चंद्रमा दोनों मजबूत होते हैं। इससे व्यक्ति को यश, सम्मान और मानसिक संतुलन मिलता है।
पंखे का दान
नौतपा में हाथ वाले या बिजली के पंखे का दान करना भी लाभकारी माना गया है। मंदिर, अस्पताल या जरूरतमंद लोगों को पंखा दान करने से ईश्वर प्रसन्न होते हैं और जीवन से दरिद्रता दूर होती है।
दान-पुण्य के फायदे
नौतपा के दौरान दान-पुण्य करने के साथ सूर्य देव की उपासना का भी विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, आत्मविश्वास मजबूत होता है और करियर व सामाजिक जीवन में सम्मान प्राप्त होता है। साथ ही, पितरों की कृपा से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
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