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    शनि की साढ़ेसाती में नीलम रत्न पहनना वरदान है या अभिशाप? जान लें क्या कहता है रत्न शास्त्र

    Updated: Sat, 13 Jun 2026 03:00 PM (IST)

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती में नीलम रत्न पहनना वरदान है या अभिशाप, यह कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि शनि शुभ भावों क ...और पढ़ें

    क्या साढ़ेसाती का हर कष्ट मिटा सकता है नीलम? (AI-Generated Image)

    क्या साढ़ेसाती का हर कष्ट मिटा सकता है नीलम? (AI-Generated Image) 

    HighLights

    1. नीलम पहनने से साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं

    2. करियर में तरक्की और आर्थिक लाभ प्राप्त होता है

    3. शनिवार को मध्यमा उंगली में धारण करना शुभ माना जाता है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती को एक महत्वपूर्ण काल माना जाता है। शनि की साढ़ेसाती के असर को कम करने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं।

    इसके अलावा शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए रत्न भी पहनते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि की साढ़ेसाती के कष्टों से बचने के लिए नीलम पहनना चाहिए या नहीं। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं शनि की साढ़ेसाती में नीलम पहनना वरदान है या अभिशाप?

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    (AI-Generated Image) 

    शनि की साढ़ेसाती: नीलम पहनना वरदान है या अभिशाप?

    अगर कुंडली में शनि शुभ भावों का स्वामी होकर अच्छी स्थिति में विराजमान है, तो ऐसे में नीलम रत्न पहनना फलदायी हो सकता है। रत्न शास्त्र के अनुसार, नीलम रत्न पहनने से शनि की साढ़ेसाती का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। साथ ही करियर में खूब तरक्की होती है और रुके काम पूरे होते हैं। साथ ही आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

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    नीलम धारण करने के नियम

    • नीलम रत्न को पंचधातु, अष्टधातु या चांदी में धारण करना शुभ माना जाता है। इसके लिए आप किसी ज्योतिषी की भी सलाह ले सकते हैं।
    • नीलम रत्न को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में ही पहनना चाहिए, क्योंकि यह उंगली शनि ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है।
    • नीलम रत्न को पहनने के लिए शनिवार का दिन उत्तम माना जाता है।
    • नीलम रत्न को पहनने से पहले से दूध, गंगाजल, शहद, घी और मिश्री से शुद्ध करें।
    • रत्न धारण करते समय सच्चे मन से शनि देव के बीज मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" या "ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का जप करें।
    • नीलम रत्न धारण करने वाले जातक को किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। किसी के बारे में गलत न सोचें और मांस-मदिरा का सेवन न करें।
    • अगर रत्न टूट गया है या फिर उसका रंग फीका पड़ गया है, तो उसे उतार देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि खंडित रत्न पहनने से जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    नीलम रत्न पहनने के लाभ

    • अगर आप व्यापार में सफलता पाना चाहते हैं, तो नीलम रत्न जरूर धारण करें। ऐसा माना जाता है कि इस रत्न को पहनने से रुके हुए काम पूरे होते हैं। साथ ही व्यापार में तरक्की होती है।
    • नीलम रत्न को धारण करने से कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही समाज में मान-सम्मान मिलता है।
    • इसके अलावा नीलम रत्न से अचानक धन प्राप्ति होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

     

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