कानपुर होजरी कारोबारी हत्याकांड: एक लाख के लेनदेन में कपड़ा दुकानदार की हुई थी हत्या, आरोपित मुठभेड़ में गिरफ्तार
कानपुर में होजरी कारोबारी विजय चौरसिया की हत्या के आरोपी रेस्टोरेंट संचालक विशाल गुप्ता को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार देर शा ...और पढ़ें

होजरी कारोबारी मर्डर केस।
HighLights
नवाबगंज थानाक्षेत्र के गंगा बैराज के पास हुई मुठभेड़ में हत्यारोपित के दाहिने पैर में लगी गोली
आठ मई को फीलखाना थानाक्षेत्र में गोली मार की थी हत्या, उन्नाव में दोस्तों के यहां ली शरण
जागरण संवाददाता, कानपुर। फीलखाना के सवाई सिंह का हाता में कपड़ा दुकानदार विजय चौरसिया के हत्यारोपित रेस्टोरेंट संचालक विशाल गुप्ता को पुलिस ने मंगलवार शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गंगा बैराज के पास हुई मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्यारोपित के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपित ने पूछताछ में एक लाख रुपये के लेनदेन में हत्या करने की बात कबूली। बताया कि हत्या के बाद वह उन्नाव में अपने दोस्तों के यहां शरण लेकर रह रहा था।
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि बीती आठ मई को हत्यारोपित ने कपड़ा दुकानदार को बहाने से दुकान से ले जाने के बाद सिर के पीछे गोली मार हत्या कर दी थी। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर लगातार टीमें आरोपित की तलाश में दबिश दे रही थीं। इसी दौरान हत्यारोपित के बिठूर से गंगा बैराज की ओर आने की जानकारी हुई। इस पर टीम ने घेराबंदी करके उसे रोकने का प्रयास किया तो स्कूटर सवार हत्यारोपित ने बैराज से जुड़े सकरे रास्ते होकर भागने का प्रयास किया।
कुछ दूर जाने के बाद ऊबड़-खाबड़ रास्ता होने के कारण वह स्कूटर समेत गिर गया। इसके बाद पुलिस को पीछे आते देख विशाल झाड़ियों में छिप गया और फिर फायरिंग कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाईं, जिसमें एक गोली हत्यारोपित के दाहिने पैर में लगने से वह घायल हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में विशाल ने विजय को एक लाख रुपये चार प्रतिशत ब्याज पर लेने की जानकारी दी है।
उसने बताया कि तीन-चार महीने ब्याज देने के बाद विजय ने रकम देने से भी इन्कार कर दिया था। इस पर उसे बहाने से लेकर हाते पहुंचे और फिर ऊपर ले जाने के बाद रकम लौटाने के लिए कहा। उसने मना कर दिया तो गुस्से में साथ लाए गए तमंचे से गोली मार दी थी। इसके बाद वह स्कूटर से लाटूश में रहने वाले चरस तस्कर बाबू सोनकर के घर पहुंचा था। उसे हत्या के बारे में बताया तो उसने भाग जाने के लिए कहा।
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इसके बाद वह स्कूटर से ही उन्नाव में रहने वाले दोस्त के घर पहुंचा और फिर उसके यहां छिपकर रह रहा था। बताया कि इधर, पुलिस का दबाव लगातार बढ़ रहा था। दोस्त ने भी मदद से हाथ खींचना शुरू कर दिया था। इसलिए सरेंडर के लिए वह एक दोस्त मिलने बिठूर के रास्ते गंगा बैराज होते शहर आ रहा था, तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई और वह पकड़ा गया।
पत्नी ने फिर लेनदेन की बात को ठहराया झूठा
हत्यारोपित की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार एडीसीपी पूर्वी ने वार्ता करके एक लाख रुपये के लेनदेन में हत्या की बात कही, जिसे मृतक की पत्नी नेहा चौरसिया ने झूठा ठहराया। नेहा का कहना है कि पुलिस असली वजह को छुपा रही है। विजय का किसी से कोई लेनदेन नहीं था। वह कारोबार में भी आनलाइन और चेक के जरिए ही लेनदेन करते थे। उनके खातों में दो से चार लाख हर वक्त रहते थे।
अब भी सवाल, गोली पिस्टल से चली या तमंचे से
हत्यारोपित की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से वारदात में इस्तेमाल किया स्कूटर और तमंचा बरामद करने का दावा किया, जबकि पोस्टमार्टम के दौरान हुए एक्सरे से सिर में फंसी गोली पिस्टल से चलाए जाने की बात कही गई थी। पुलिस ने यह बताया था कि हत्यारोपित लाटूश रोड में रहने वाले चरस तस्कर बाबू सोनकर से पिस्टल लेकर आने और फिर उसे वापस करने की भी आशंका जताई थी। हालांकि बाबू सोनकर ने हिरासत में लिए जाने के बाद कार्रवाई के डर से इस बात को सिरे से नकार दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान सिर में फंसी मिली गोली को अगर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया तो उनकी रिपोर्ट में फायर तमंचे से या फिर पिस्टल से। यह सवाल भी जांच का पहलू बना हुआ है, जबकि प्रेसवार्ता में पुलिस तमंचे से ही गोली मारे जाने का दावा करती रही।
भागने में मदद करने से शरण देने वाले तक बनेंगे आरोपित
एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि हत्यारोपित की मदद करने से लेकर उसे शरण देने वालों को भी विवेचना में शामिल करते हुए आरोपित बनाया जाएगा। इसमें चरस तस्कर बाबू सोनकर, जिसने हत्या की जानकारी होने के बाद भी उसे भागने के लिए कहा। इसके अलावा उन्नाव में रहने वाले उसके सभी दोस्तों पर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने उसे शरण दी। उनके बारे में हत्यारोपित से पूछताछ करके जानकारी जुटाई जा रही है।

ये था मामला
फीलखाना में शुक्रवार शाम 6:30 बजे रेस्टरेंट संचालक ने फोन कर होजरी कारोबारी को बुलाया। स्कूटी में बैठाकर एक मकान में ले गया, जहां पहली मंजिल की सीढ़ियों पर उनके सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या से पहले दोनों के बीच संघर्ष भी हुआ था। गोली की आवाज सुनकर मकान में रहने वाले किरायेदार निकले तो एक युवक भागते देखा। सीसी कैमरे में हत्यारोपित स्कूटी से जाता भी दिखा है। अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था ने पुलिस की चार टीमें लगा हत्यारोपित की तलाश शुरू की।
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