न्यू कानपुर सिटी में विकास कार्य कराने गई केडीए टीम को घेरा, मुआवजे को लेकर आक्रोश, काम रोका
न्यू कानपुर सिटी में विकास कार्य कराने पहुंची केडीए टीम को किसानों और महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। मुआवजे की मांग को लेकर महिलाओं ने लाठी ...और पढ़ें

न्यू कानपुर सिटी आवासीय योजना में काम शुरू होने पर किसानों ने विरोध कर काम बंद कराया। जागरण
HighLights
न्यू कानपुर सिटी में केडीए टीम को महिलाओं ने घेरा, काम रुकवाया
किसानों के साथ महिलाएं लाठी-डंडे लेकर आ गईं, आक्रोश देख टीम लौटी
आक्रोशित लोगों ने कहा कि बिना मुआवजा दिए विकास कार्य नहीं कराने देंगे
जागरण संवाददाता, कानपुर। मैनावती मार्ग से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच में विकसित होने वाली न्यू कानपुर सिटी योजना में किसानों ने मुआवजे को लेकर एक माह से कार्य रोक रखा है। केडीए की टीम मंगलवार को सिंहपुर पहुंची तो किसान सड़क पर उतर आए। कार्य न रुकता देख किसानों संग महिलाएं भी लाठी-डंडे लेकर आ गईं और दस्ते को घेर लिया। आक्रोश बढ़ता देख केडीए की टीम लौट गई। किसान धरने पर बैठ गए हैं।
केडीए वर्ष 1996 से न्यू कानपुर सिटी योजना लाने में जुटा है। 153.31 हेक्टेयर की योजना को तीन फेज में लाना है। पहला फेज 50 हेक्टेयर जमीन पर बसेगा। विकास कार्यों के लिए टेंडर भी करा दिए गए। पहले चरण में 75 करोड़ से ड्रेनेज सिस्टम, पेयजल, सीवर व सड़क का कार्य होना है। एक माह पूर्व सीवर लाइन डालने को सड़क खोदाई होते ही किसानों ने काम रुकवा दिया।
मंगलवार को फिर केडीए की टीम सहायक अभियंता सीपी पांडेय और अवर अभियंता कैलाश सिंह की अगुवाई में पहुंची। यह देख भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में किसान सड़क पर उतर आए। महिलाएं लाठी-डंडे लेकर आ गईं और काम रुकवाकर नारेबाजी शुरू कर दी। आसपास के गांवों के किसान भी आ गए। किसानों का कहना है कि जिन किसानों को कोर्ट के आदेश पर मुआवजा दिया गया है, उसी आधार पर सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। हंगामे को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शन कर रहे रामरानी, लक्ष्मी, जयदेवी, चंद्रकली, हरदेश्वरी, गंगादेवी, पूनम, आकाश, रमेशचंद्र, अमरीश कनौजिया, संतोष, दीनदयाल, ओमप्रकाश शर्मा और आशीष आदि ने साफ कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक कार्य नहीं होने देंगे। यूनियन के जिलाध्यक्ष पियूष शुक्ला व संगठनमंत्री अरविंद सिंह ने कहा कि केडीए एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। वहीं केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि वर्ष 1990 में मुआवजा दिया जा चुका है। बार-बार कैसे मुआवजा दिया जा सकता है। पुलिस अफसरों से बात करके फोर्स लेकर कार्य कराया जाएगा। योजना जल्द धरातल पर लानी है।
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