Jagran Exclusive: नोएडा में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तान से भेजे गए थे झूठे पोस्ट, ऐसे हुआ खुलासा
नोएडा में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तान से झूठे पोस्ट भेजे गए थे, जिनकी पुष्टि एक्स की रिपोर्ट और पुलिस जांच में हुई है। पुलिस इस मामले में रिकवरी मे ...और पढ़ें

नोएडा में हुए उपद्रव के आरोपित रूपेश राय और आदित्य आनंद।
HighLights
पाकिस्तान से भेजे गए थे हिंसा भड़काने वाले पोस्ट
एक्स अकाउंट से 20 मौत के झूठे पोस्ट
पुलिस रिकवरी मेल से नेक्सस का पता लगाएगी
जागरण संवाददाता, मुनीश शर्मा। 13 अप्रैल को नोएडा में हिंसा भड़काने के लिए अनुषी तिवारी प्राउड इंडियन और मीर इलयाज इंक नाम के एक्स अकाउंट से 20 मौत और 99 घायल होने संबंधी पोस्ट किए गए झूठे पोस्ट पाकिस्तान के पंजाब के झेलम शहर से भेजे गए थे।
एक्स की रिपोर्ट में वहां के मिले वीपीएन और आइपी एड्रेस से पुष्टि हुई है। पुलिस और जांच एजेंसी की जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों एक्स अकाउंट में से एक की मेल आइडी पर एक रिकवरी मेल भी प्राप्त हुआ है।
नेक्सस का पता लगाने में जुटी पुलिस
पुलिस इस रिकवरी मेल की मदद से इसके पीछे के मकसद और नेक्सस का पता लगा रही है। इससे कौन व्यक्ति या समूह जुड़े हैं। इससे इस तरह के कितने और अकाउंट संचालित हो रहे हैं। देश विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं।
पिछले दिनों एसटीएफ ने गिरफ्तार किए चार आतंकियों-साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, लोकेश उर्फ पपला पंडित व विकास गहलावत के मामले में भी पता चला था कि साकिब इंटरनेट मीडिया पर राधा-कृष्ण, मुस्लिम आर्मी व किंग डेविल के नाम से एक्स अकाउंट बनाए थे।
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इसी तरह के तमाम एक्स अकाउंट संचालित हो रहे हैं। इनसे झूठे पोस्ट और देश विरोधी सामग्री डाली जा रही है। पुलिस और जांच एजेंसी यह पता करने में जुटी हैं कि इन सबको एक ही गिरोह तो संचालित नहीं करा रहा है।
पुलिस और जांच एजेंसी रिकवरी मेल से जुड़े नंबर का पता करने में जुटी हैं। इसके आधार पर व्यक्ति या समूह तक पहुंचने की संभावना है। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी इस संबंध में संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर रेड कार्नर नोटिस भी जारी कराएंगे।
मुख्य दल में 24 लोग शामिल, 17 की तलाश जारी
वेतन वृद्धि को लेकर 13 अप्रैल को हुई हिंसा में पुलिस को मुख्य दल(कोर ग्रुप) का पता चला है। इनमें 24 लोगों को चिन्हित किया है। पुलिस इनमें से दो मुख्य साजिशकर्ता रूपेश राय, आदित्य आनंद के अलावा मनीषा, सृष्टि, आकृति, हिमांशु ठाकुर, सत्यम वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अन्य 17 की सर्विलांस, चैट, सीसीटीवी आदि से चिन्हित कर तलाश की जा रही है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा में संलिप्त आरोपितों की भूमिका के आधार पर ही गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, पुलिस और जांच एजेंसी को लखनऊ के एक संगठन की संलिप्तता मिली है।
रूपेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ
पुलिस आयुक्त ने बताया कि साजिशकर्ता रूपेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। हिंसा के राज, फंडिंग और नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। आदित्य और अन्य पांच को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस इनसे बरामद सामान के बारे में जानकारी करेगी।
ट्रांजिट रिमांड का 17 वकीलों ने किया था विरोध
एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से आदित्य आनंद को गिरफ्तार करने के बाद बिहार में रह रहीं उसकी मां को फोन कर सूचना दी थी। रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने पर वहां 17 वकील पहुंचे थे।
आदित्य को झूठे केस में फंसाने की दलील देकर ट्रांजिट रिमांड रद्द कराने पर जोर दिया था, जबकि उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू और एक लाख का ईनाम था। रेलवे मजिस्ट्रेट ने ट्रांजिट रिमांड दे दी थी।
नोएडा पुलिस का कहना है कि बेरोजगार के पक्ष में 17 वकीलों का आना संगठित अपराध और नेक्सस की ओर इशारा कर रहा है। इनके पास वकीलों का समूह और फंडिंग की व्यवस्था है।
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