प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के आधार पर कलर प्रिंटर को दो भागों में बांटा गया है, जो कि इंकजेट प्रिंटर और लेजर प्रिंटर है। इंकजेट प्रिंटर की बात करें, तो ये अलग-अलग स्याही (सियान, मैजेंटा, पीला और काला जैसे रंगों) वाली कारतूस की मदद से प्रिंटिंग करता है। जबकि लेजर प्रिंटर, लेजर बीम का इस्तेमाल करके प्रिंट करता है। कलर प्रिंटर्स कई Brands के हो सकते हैं, लेकिन HP कैनन, Brother और एप्सन जैसे ब्रांड्स के प्रिंटर्स अच्छे माने जा सकते हैं, जिनमें रंगीन प्रिंट करने के लिए कई फीचर्स मिलते हैं। घर या ऑफिस के लिए सही कलर प्रिंटर का चुनाव करने के लिए प्रिंटर की स्पीड, प्रिंटिंग रेजोल्यूशन, फीचर्स और बजट का ध्यान रखा जा सकता है।
नॉर्मल प्रिंटर से कलर प्रिंटर कैसे अलग हैं?
नॉर्मल प्रिंटर को मोनोक्रोम (एक रंग का) कहा जाता है, जिस पर सिर्फ ब्लैक और व्हाइट प्रिंट मिल सकते हैं। वहीं Color Printer की बात करें, तो ये Picture या ग्राफिक्स को काफी वाइब्रेंट कलर्स (जीवंत रंग) में प्रिंट करके दे सकते हैं। दोनों में अंतर करते हुए, कलर प्रिंटर के बारे में समझें-
रंग क्षमता: कलर प्रिंटर में सियान, मैजेंटा, पीला और काला जैसे कई रंगों को प्रिंट करने की क्षमता मिल सकती है, जिससे एक पूरी रंग स्पेक्ट्रम भी तैयार किया जा सकता है। वहीं सामान्य प्रिंटर्स में प्रिंट करने के लिए काली इंक का इस्तेमाल होता है।
उपयोग: कलर प्रिंटर्स का इस्तेमाल कलरफुल पिक्चर प्रिंट करने के लिए किया जा सकता है। इनकी मदद से कलरफुल Photo, ग्राफिक्स, मार्केटिंग मटेरियल, डॉक्यूमेंट्स और फाइल्स प्रिंट की जा सकती हैं, जो दिखने में काफी आकर्षक हो सकता है। जबकि नॉर्मल प्रिंटर को ब्लैक एंड व्हाइट फोटो और टेक्स्ट निकालने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
स्याही (कार्टिलेज): कलर प्रिंटर में प्रत्येक रंग के लिए कई स्याही कार्टिलेज दी जाती है। हर कलर अलग कारतूस में मिलता है। वहीं सिर्फ एक काली स्याही की आवश्यकता होती है।
