सावन 2026 की शुरूआत 30 जुलाई से होने जा रही है। सावन में किए जाने वाले सोलह श्रृंगार में बिंदी, सिंदूर, मंगलसूत्र, चूड़ियां, मेहंदी, गजरा, झुमके, नथ, अंगूठी, बाजूबंद, कमरबंद, पायल, बिछिया, काजल, माथे का टीका और कपड़े शामिल होते हैं। सावन माह में इसका विशेष महत्व है क्योंकि यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है, और विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु व सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं और श्रृंगार करती हैं। यह प्रकृति के हरे रंग से प्रेरणा लेता है, जो नई शुरुआत और ऊर्जा का प्रतीक है। प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, सोलह श्रृंगार देवी लक्ष्मी और सोलह कलाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है।
आप यहां इसकी पूरी लिस्ट देख सकती हैं, ताकी सावन के महीने में आप भी इनके जरिए अपना 16 श्रृंगार पूरा कर सकें-
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