गर्मियों में जब पसीने से तर-बतर हो जाते हैं, तो हर कोई ठंडी हवा की तलाश में रहता है। ऐसे में कूलर सबसे अच्छे साथी बन सकते हैं। अगर आप कम जगह में फिट होने और बेहतर हवा देने वाले कूलर की तलाश में हैं, तो मुख्य रूप से पर्सनल कूलर और टावर कूलर 2 विकल्प सामने आते हैं। पर्सनल कूलर छोटी हाईट वाले होते हैं और कम जगह में फिट हो जाते हैं। इन्हें दुकान के काउंटर और किचन के प्लेटफॉर्म पर भी रखा जा सकता हैं। वहीं टावर कूलर कम जगह घेरने वाले और लंबे होते हैं, ये पर्सनल कूलर के मुकाबले साइज में थोड़े बड़े हो सकते हैं। इन्हें ऑफिस और मॉल में भी इस्तेमाल किया जाता है। इन दोनों कूलर के फायदे और खूबियां अलग-अलग हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कौन सा कूलर आपके लिए बेहतर है? चलिए जानते हैं कि होम अप्लायंस के तहत आने वाले इन टावर और पर्सनल कूलर में आपके लिए कौन ज्यादा बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
टावर कूलर
आपको कमरे में दूर तक हवा चाहिए, तो टावर कूलर बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। ये कूलर लम्बे होते हैं और इनकी डिजाइन पर्सनल और डेजर्ट कूलर के मुकाबले पतली होती है। ये देखने में आकर्षक होते हैं। इन्हें घर से लेकर ऑफिस और मॉल में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ये कूलर कम जगह घेरते हैं और हवा को ज्यादा ऊंचाई से दूर तक हवा फेंक सकते हैं। टावर कूलर ऐसी जगहों के लिए सही हैं, जहां ज्यादा लोगों के लिए प्रभावी कूलिंग की आवश्यकता होती है। इन्हें बड़े कमरों को भी जल्दी ठंडा कर में सहायक माना जाता है। ये कूलर देखने में भी आकर्षक होते हैं।
पर्सनल कूलर
ये एयर कूलर साइज में छोटे और व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए सही माने जाते हैं। इनमें कम बिजली की खपत करने वाल दमदार मोटर मिलती है। ये एयर कूलर छोटे साइज वाले कमरे में बेहतर हवा का प्रावह दे सकते हैं। इन्हे आप बच्चों के स्टडी रूम में लगा सकते हैं, दुकान पर रख सकते हैं। ये कूलर कम जगह में भी आसानी से एडजस्ट हो जाते हैं। इन्हें 120 से 140 वर्ग फीट तक वाले कमरों के लिए सही माना जाता है। बाजार में Bajaj, सिंफनी और हैवेल्स जैसे तमाम ब्रांड के पर्सनल कूलर मिल जाते हैं। इनमें आपको 20 से लेकर 40 लीटर तक की वाटर टैंक भी मिलती है।
