एसी या एयर कूलर: भारत की गर्मी को झेलने का किस में है दम?

अगर आप भारत के उमस भरे शहरों जैसे की मुंबई, कोलकाता, या फिर चेन्नई जैसी जगह रहते हैं तो स्प्लिट एसी आपके लिए सही है। लेकिन अगर आप राजस्थान और हरियाणा जैसी जगह पर रहते हैं तो एयर कूलर के विकल्प को देख सकते हैं। इनका चुनाव पूरी तरह से आपके इलाके में पड़ने वाली गर्मी, आपकी जरूरत और बिजली पर निर्भर करता है।
AC Vs Air Cooler क्या है आपके लिए सही
AC Vs Air Cooler क्या है आपके लिए सही

AC या Air Cooler: भारत में पड़ने वाली गर्मी में अगर आप भी कूलिंग का सही इलाज देख रहे हैं, तो जरूरी है कि आप एसी और एयर कूलर के बारे में कुछ मुख्य बातों के बारे में जान लें। अगर उमस वाले इलाकों में रहते हैं तो आपके लिए एसी सही रहेगा। लेकिन अगर बिजली के बिल, बजट रेंज की चिंता है तो बढ़िया कंपनी का एयर कूलर भी ले सकते हैं। 

कब लें एसी?

  • अगर आप उमस भरे शहर में रहते हैं।
  • अगर इलाके का तापमान 40°C से ज्यादा रहता है।
  • अगर ज्यादा बिजली का बिल दे सकते हैं।
  • अगर कूलिंग ही आपकी मुख्य जरूरत है।
  • अगर बजट भी आपको ₹30-55 हजार तक है।

एसी की खूबियां

  • बेहतरीन कूलिंग।
  • एयर फिल्टरेशन फिल्टर (प्रीमियम मॉडल्स)
  • तापमान और एयर फ्लो को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • मौसम के अनुसार कई सारे मोड।
  • वॉल माउंट होने के चलते कमरे में अलग से जगह नहीं लेते हैं।

एसी की कमियां

  • महंगे आते हैं।
  • इंस्टॉलेशन भी महंगा है।
  • बिजली का बिल भी ज्यादा करते हैं।

कब लें एयर कूलर?

  • अगर आप गर्म इलाकों में रहते हैं लेकिन वहां उमस नहीं होती है।
  • बजट कम है और बिजली का बिल भी ज्यादा नहीं देना है।
  • कमरा छोटा है लेकिन उसमें वेंटिलेशन की सुविधा बेहतर है।
  • सिर्फ एक इंसान के इस्तेमाल के लिए चाहिए।
  • कूलिंग की जरूरत है लेकिन कमरे को बहुत ज्यादा ठंडा नहीं करना है।

कूलर की खूबियां

  • अलग-अलग क्षमता में मिलते हैं।
  • बजट रेंज में रहते हैं।
  • बिजली के बिल को ज्यादा नहीं बढ़ाते हैं।
  • कई मॉडल में पहिये मिलते हैं, जो इन्हें पोर्टेबल बनाता है।
  • रखरखाव ज्यादा आसान रहता है।

कूलर की कमी

  • उमस भरे मौसम में सही से काम नहीं करता है।
  • टैंक खाली होने पर बार-बार पानी भरना पड़ता है।
  • कमरे को ठंडा करेगा या नहीं ये इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें वेंटिलेशन कैसा है।

एसी या एयर कूलर लेना है, इस बात का मुख्य फैसला तब कर सकते हैं, जब आपको कूलिंग की जरूरत, बजट और बिजली के बिल जैसे तीन मुख्य बातें सही से पता हो। हमारे सुझाव के अनुसार अगर आपके इलाके का तापमान ज्यादा रहता है या फिर उमस भरा मौसम रहता है तो आपको एक AC का चुनाव करना चाहिए, हालांकि इसके साथ अगर बिजली के बिल की चिंता है तो आप 5 स्टार एनर्जी रेटिंग एसी वाले मॉडल्स देख सकते हैं, जिसमें इन्वर्टर कंप्रेसर तकनीक भी मिल रही हो। वहीं Air Cooler का चुनाव तब करें जब आपकी मुख्य जरूरत ज्यादा ठंडक न हो, और आपको बजट एवं बिजली के बिल की ज्यादा चिंता है। 

भारतीय तापमान के अनुसार क्या है बेहतर?

Air Conditioners:- अपने घर के लिए एयर कंडीशनर का चुनाव तब करें जब बाहर का तापमान 40 से 45°C तक रहता हो। अगर ज्यादातर दिनों ऐसा रहता है तो आपको एसी की सेटिंग 24 से 26°C के बीच में रखना चाहिए, जिससे की कमरे में बेहतर कूलिंग रहे।

Air Cooler:- अगर आपके इलाके में ड्राई मौसम रहता है तो आपके लिए एयर कूलर बढ़िया रहेगा। इन्हें आप लिविंग रूम, छोटे कमरे, दुकान, और आधे-खुले स्थान जैसे की छत पर रख सकते हैं।

एयर कूलर और एसी दोनों में से किसी एक का चुनाव करने से पहले आपको ये जरूर जान लेना चाहिए, कि भारत के जिस इलाके में आप रहते हैं, वहां ज्यादातर दिन मौसम कैसा रहता है। अगर तापमान ज्यादा है और उमस भरे दिन कम तो बढ़िया एसी ब्रांड के किसी मॉडल का चुनाव करें। 

बिजली के बिल के अनुसार जानें

कूलिंग और भारतीय तापमान के अनुसार जान लेने के बाद सबसे अहम कारक यानी बिजली के बिल के अनुसार भी जान लें कि आपके लिए क्या सही रहने वाला है।

एयर कूलर का आम तौर पर बिजली की खपत:

  • 100–250 वॉट
  • अगर आप रोजाना 10 घंटे चलाते हैं तो लगभग 1–2.5 यूनिट हर रोज खर्च होती हैं।
  • जिसके तहत महीने का खर्च आम तौर पर काफी कम होता है।

एयर कंडीशनर का आम तौर पर बिजली की खपत:

  • आम तौर पर बिजली की खपत: 1-टन इन्वर्टर AC 700–1200 वॉट (अलग-अलग हो सकता है), 1.5-टन इन्वर्टर AC: 1000–1800 वॉट।
  • अगर आप रोजाना 10 घंटे चला रहे हैं तो तापमान की सेटिंग और क्षमता के आधार पर लगभग 8–15 यूनिट रोज खर्च होगी।
  • अब अगर उदाहरण के तौर पर समझे तो समझिए आपका इलाके में बिजली के एक यूनिट की कीमत ₹8 है, और आप एयर कूलर से 2 यूनिट हर रोज खर्च कर रहे हैं, तो आपका दिन का बिल हो जाएगा ₹16 तक। वहीं इसी के अनुसार बिजली का बिल हो जाएगा ₹480 तक।
  • लेकिन अब एसी की बात करें तो मान लें की आप एक दिन में इसकी 10 यूनिट खर्च करते हैं, तो इसके अनुसार आपका दिन का बिजली बिल हो जाएगा ₹80 तक। वहीं इसके अनुसार आपके महीने का बिल ₹2400 तक हो जाएगा।

नोट: ये हमने आपको सिर्फ एक उदाहरण के तौर पर समझाया है। इस उदाहरण का उपयोग करते हुए आप अपने अनुसार बिजली के बिल का हिसाब लगा सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि दिन में आप कितनी यूनिट का उपयोग कर रहे हैं और आपके इलाके में बिजली की एक यूनिट कितनी है। 

जांचे गए विकल्प

हमारे द्वारा सटीक रिसर्च के साथ प्रोडक्ट का चुनाव किया जाता है, जिसमें विशेषताओं की तुलना, ग्राहक समीक्षाएं, और प्रोडक्ट की खामियां तक शामिल होती हैं।

    निष्कर्ष:- भारतीय घरों के लिए, जब बजट और बिजली की बचत प्राथमिकता हो, तो एयर कूलर पैसे की सही कीमत वाला सबसे अच्छा विकल्प होता है। हालाँकि, अगर आप मौसम कैसा भी हो, भरोसेमंद कूलिंग चाहते हैं, खासकर सोने और काम करने के लिए तो ज्यादा कीमत होने के बावजूद इन्वर्टर AC ही सबसे अच्छा विकल्प है।

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    Faq's

    • बिजली के बिल पर AC और कूलर का कितना फर्क पड़ता है?
      +
      एयर कूलर AC की तुलना में काफी कम बिजली खपत करता है, जिससे बिजली का बिल कम आता है।
    • AC या कूलर लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
      +
      अपनी ज़रूरत, कमरे का आकार, स्थानीय जलवायु, बजट और बिजली की खपत को ध्यान में रखना चाहिए।