गर्मियां आते ही हम सब कूलर तो ऑन कर लेते हैं, लेकिन ठंडी हवा के साथ जब कमरे में धूल, अजीब सी महक या उमस आने लगती है, तो सुकून गायब हो जाता है और कई बार तो धूल और एलर्जी की वजह से घर में छींकें शुरू हो जाती हैं। बस इसी उलझन को दूर करने के लिए आज हमने इस विषय को चुना है ताकि आपको ऐसे कूलर के बारे में बता सकूं, जो सिर्फ ठंडी नहीं, बल्कि एकदम साफ और ताजी हवा दे। यहां हम बात करेंगे उन एयर कूलर की, जो मल्टी-स्टेज एयर फिल्टर और एंटी-बैक्टीरियल पैड्स जैसी सुविधा के साथ आते हैं।
साफ और ताजी हवा के लिए कौन-सा कूलर है बढ़िया और क्यों?
साफ और ताजी हवा के लिए मार्केट में मिलने वाले पुराने तरीके के कूलर्स के मुकाबले मल्टी-स्टेज फिल्टर और एंटी बैक्टीरियल हनीकॉम्ब पैड्स वाले एयर कूलर्स सबसे बढ़िया माने जाते हैं, लेकिन ये क्यों बढ़िया हैं? आइए नीच इनके बारे में समझते हैं -
- मल्टी-स्टेज एयर फिल्ट्रेशन - आजकल के एडवांस कूलर्स में सिर्फ पानी की जाली नहीं होती, बल्कि एयर प्यूरीफायर की तरह धूल रोकने वाले डस्ट फिल्टर लगे होते हैं। ये हवा में मौजूद बारीक धूल-मिट्टी के कणों को आपके कमरे में आने से पहले ही रोक देते हैं।
- एंटी-बैक्टीरियल हनीकॉम्ब पैड्स - पुराने घास वाले कूलर में पानी जमा होने से फंगस और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे हवा में बदबू आती है। वहीं हनीकॉम्ब पैड्स पर एक खास केमिकल कोटिंग होती है जो बैक्टीरिया को पनपने नहीं देती और हवा को एकदम ताजी रखती है।
- ह्युमिडिटी कंट्रोल फीचर - जब हवा में उमस बढ़ जाती है, तो सांस लेना भारी लगने लगता है। ताजी हवा के अहसास के लिए ऐसे कूलर्स बढ़िया होते हैं, जिनमें पानी के फ्लो को कंट्रोल करने का बटन हो। इससे कमरे में चिपचिपाहट नहीं होती और हवा हल्की व ताजी बनी रहती है।
- पूरी तरह से बंद होने वाले लूवर्स - जब कूलर बंद होता है, तो उसके पंखे के रास्ते से बाहर के मच्छर, कीड़े और धूल अंदर चले जाते हैं। बढ़िया कूलर्स में ऑटो-क्लोजिंग लूवर्स होते हैं, जो बंद होने पर धूल को अंदर जमा नहीं होने देते। इससे अगली बार कूलर चालू करने पर गंदी हवा बाहर नहीं आती।
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